शिष्यों ने छेड़ी गुरु पूजा की तान

वृंदावन: सोलह कलाओं के साथ अवतरित होने के बाद भी गुरुकुल में दाखिल होकर गुरु का महत्व प्रतिपादित करने वाले श्रीकृष्ण और उनकी आल्हादिनी शक्ति राधा की लीला भूमि में शिष्यों ने श्रद्धा-भक्ति संग गुरु पूजा की तान छेड़ दी है।

श्रद्धालुओं ने पंच दिवसीय पर्व की शुरूआत श्रीधाम की परिक्रमा एवं गुरुदेव संग राधे-कृष्णा का पग-पग पर घोष करके कण-कण को आनंद से भर दिया। इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद ने अपने सदगुरु स्वामी गीतानंद महाराज का पूजन-अर्चन तथा प्रभु गुणगान कर भक्तों को दीन की सेवा और दान की महत्ता को आत्मसात करने एवं गौवंश की रक्षा का संदेश दिया।

गुरु पर्व का आगाज श्रीकृष्ण कृपा धाम में स्वामी ज्ञानानंद ने निज गुरु का पूजन कर किया। उत्सव में शामिल भक्तों ने महामंडलेश्वर की पूजा-अर्चना कर तथा यथा श्रद्धा दान अर्पित किया। बाबा बलराम दास ने सुखधाम में शुक्रवार को संत सेवा कर पर्व आरंभ किया। बाबा ने बताया कि सुनरख मार्ग स्थित आश्रम व गोविंद कुण्ड स्थित परशुराम आश्रम में 3 दिन उत्सव मनेगा। 4 को गुरु रूप में मान संत कालौनी स्थित सुखधाम में सुबह 10.30 बजे वृंदावन के महंतों का समारोह पूर्वक स्वयं पूजन करेंगे।

1000 भक्त एक संग लेंगे गौ रक्षा की शपथ

राम नगर कॉलोनी स्थित श्री हरि कृपा निकुंज आश्रम में पर्व की तैयारियां हो रही हैं। जीवोत्थान सेवा समिति संस्थापक राजेंद्र उपाध्याय ने कहा कि धार्मिक संस्थाएं अभी केवल पांच फीसदी गौवंश की रक्षा-पालन कर पा रही हैं। शेष गौवंश का मानवाकार दानव अर्थ लोलुपता के वशीभूत हो शिकार कर रहे हैं।

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