ब्रज रज बढ़ा रही बीमारियां

मथुरा: ब्रज रज लगाकर प्राणी मोक्ष पा रहे हैं या नहीं, यह तो आस्था की बात है, लेकिन खांसी-जुकाम तथा अस्थमा जैसी एलर्जिक और आंख संबंधी बीमारियों की सौगात जरूर पा रहे हैं। धूल आदि कारणों से अस्थमा के रोगी बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो हर पांचवा व्यक्ति अस्थमा का रोगी है। खांसी-जुकाम के रोगी तो करीब-करीब हर दूसरे घर में हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़िए शहर में भी करीब-करीब सभी सड़कों के किनारे धूल ही धूल है। करीब ढाई साल से शहरी क्षेत्रों में सीवर लाइन और ड्रेनेज का कार्य चलने से यह समस्या और बढ़ी है। गर्मी के मौसम में यह समस्या कोढ़ में खाज का काम कर रही है। कोई आंखों की एलर्जी से परेशान है तो कोई अस्थमा और खांसी आदि बीमारियों से।

जिला कार्यवाहक क्षय रोग चिकित्सा अधिकारी डॉ.अनिल सागर वशिष्ठ कहते हैं कि धूल से एलर्जी संबंधी बीमारियां खासकर खांसी-जुकाम और अस्थमा तेजी से बढ़ रही हैं। काफी समय तक खांसी-जुकाम की दवा लेने के बाद भी रोगी ठीक नहीं हो रहे हैं। इस तरह के रोजाना करीब दस रोगी उनके पास आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अस्थमा में सांस नली की दीवाल में सूजन आ जाती है इससे सांस लेने में परेशानी होती है। इस बीमारी की चपेट में बच्चे और बड़े सभी आ रहे हैं।

जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरएन गर्ग ने बताया कि गर्मियों में धूल उड़ने की वजह से खांसी और अस्थमा वाले रोगियों की समस्या बढ़ जाती है।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. केएन सिंघल ने इस समय आंखों में लाली आने से परेशान रोगियों की संख्या बढ़ने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी ओपीडी में आ रहे रोगियों में करीब 50 फीसद इस समस्या से परेशान हैं। यह भी एलर्जी की वजह से है।

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